संस्कृत जीवन जीने का आधार प्राचार्या
शिकोहाबाद। बीडीएम कन्या महाविद्यालय में संस्कृत सप्ताह के तहत एकदिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ माॅ शारदे की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीपप्रज्ज्वलन के साथ हुआ। संस्कृत भाषा की महत्ता उपयोगिता व समृद्ध रोज़गार के अवसर विषय पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्यवक्ता के रूप में डाॅ मुकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि इस भाग में न केवल सम्पूर्ण संस्कृति, परम्परा व महत्वपूर्ण राज निहित हैं अपितु सभी समस्याओं का समाधान भी विद्यमान है। प्राचार्या प्रो गीता यादवेन्दु ने कहा कि भारतीय संस्कृति की सुरक्षा, चरित्रवान नागरिकों के निर्माण, प्राचीन ज्ञान विज्ञान की प्राप्ति एवं विश्व शांति हेतु संस्कृत का अध्ययन अवश्य होना चाहिए। प्रो शशि प्रभा तोमर ने कहा कि संस्कृत केवल स्वविकसित भाग नहीं बल्कि संस्कारित भाग है, इसलिए इसका नाम संस्कृत है। प्रो सीमारानी जैन ने कहा कि भारत सहित सम्पूर्ण विश्व का उद्धार व सुरक्षा संस्कृत ज्ञान के द्वारा ही सम्भव है। इस दौरान प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें संस्कृत गीत प्रतियोगिता में सीता प्रथम, द्वितीय संगम, तृतीय अंजू, गद्यवाचन में प्रथम रौनक, स्नेहा द्वितीय स्थान पर रही। इस मौके पर डाॅ माया गुप्ता, प्रीति सिंह, पूजा, ब्यूटी सिंह, पल्लवी पांडेय, डा ममता भारद्वाज, सोनिका, नूतन, सुनीता, स्मृति जादौन, सुभाष कुमार, जफर जावेद, शादाब, जहान सिंह, राहुल, बेबी आदि मौजूद रहे।

