कावड़ यात्रा के चलते बटेश्वर से लेकर फिरोजाबाद एटा बॉर्डर तक 64 विद्यालय कर दिए जाते है बंद।
फ़िरोज़ाबाद / शिकोहाबाद – श्रावण मास लगते ही कावड़ यात्रा की धूम मचने लगती है। कावड़ का क्रेज अधिकांश ग्राीमण परिवेश में देखने को मिलता है, प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद है तो धार्मिक आयोजनों की संख्या में इजाफा हुआ है।
कावड़ यात्रा के चलते श्रावण मास में फिरोजाबाद जिल में बटेश्वर से लेकर फिरोजाबाद एटा बॉर्डर तक 64 विद्यालय ऐसे हैं जो शनिवार और सोमवार को बन्द रहते हैं. क्योकि इन दो दिनों में कावड़ यात्रा के चलते रास्ते को पुलिस द्वारा पूरी तरह बन्द कर दिया जाता है.जिससे स्कूली बाहनों को काफी परेशानी होती है. इसलिए स्कूल संचालक भी शनिवार और सोमबार को विद्यालय के बाहन बन्द रखते हैं.
अब ऐसा ही नजारा आपको शिकोहाबाद हाईवे पर देखने को मिल जायेगा.जहां कावड़ यात्रा के चलते सर्विस रोड़ को पूरी तरह बन्द कर दिया जाता है.अगर कोई रोडवेज बस हाईवे से होकर एटा के लिए जाती है तो उसे सर्विस रोड़ बन्द होने की बजह से पहले उसे मैनपुरी चौराहे से आगे बोझिया कट पर जाना पड़ेगा, उसके बाद उसे मैनपुरी और फिर मैनपुरी से एटा, जिस एटा चौराहे से वाहन एटा के लिए जाते थे उनका रास्ता पूरी तरह बन्द कर दिया जाता है। अगर कोई एम्बूलेन्स प्रतापपुर चौराहे से एटा चौराहे पर या प्रोफेसर कालौनी में किसी बीमार व्यक्ति को लेने के लिए जाना चाहे तो नही जा सकती क्योकि रास्ते को पूरी तरह बन्द कर दिया जाता है, अब ऐसे में बीमार व्यक्ति का इलाज जरूरी है या रास्ता बन्द करके कावड़ यात्रा, ऐसी स्तिथि मे पुलिस को चाहिए कि वह रास्ते को पूरी तरह बन्द न करके कोई ऐसा इन्तजाम करे जिससे इमरजैन्सी में रास्ता खोला भी जा सके।
