पुलिस ने दस हजार के इनामी सॉल्वर गेंग के सरगना सहित दो लोगों को जेल भेजा
18 फरवरी 2024 को आयोजित पुलिस भर्ती परीक्षा में सॉल्वर गेंग के सदस्यों ने पुलिस भर्ती परीक्षा में सेंधमारी का प्रयास किया था। उक्त मामले में पुलिस ने कई सॉल्वरों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था जबकि सॉल्वर गेंग का सरगना सहित एक बांछित आरोपी फरार चल रहा था। मंगलवार को पुलिस ने सॉल्वर गिरोह के सरगना व दस हजार के इनामी के साथ ही सॉल्वर गेंग के सदस्य को पुलिस ने अलग अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया।
रजनेश पुत्र सुरेश चन्द्र यादव निवासी जाफराबाद थाना मक्खनपुर पुलिस भर्ती परीक्षा में युवकों से लाखों की वसूली कर उनके स्थान पर दूसरे सॉल्वर गेंग के सदस्यों को बैठाता था। संजू पुत्र श्याम बाबू निवासी गहेरी थाना एका सिंटू कुमार पुत्र वीरेश कुमार निवासी गहेरी थाना एका के स्थान पर परीक्षा देने से पूर्व ही पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले में सिंटू फरार चल रहा था। पुलिस ने सॉल्वर गेंग के सरगना रजनेश पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। पुलिस सॉल्वर गेंग के सरगना रजनेश व सिंटू की तलाश में लगातार जुटी हुई थी।।मंगलवार की सुबह पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि पुलिस भर्ती परीक्षा का सरगना रजनेश सुभाष तिराहा पर व सिंटू प्रतापपुर हाइवे कट के पास खड़ा है। दोनों कही भागने की फिराक में है। सूचना पर पुलिस की दो टीमों ने अलग अलग स्थानों से सरगना सहित दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। बताते चले कि 18 फरवरी 2024 को नगर क्षेत्र के विभिन्न सेंटरों पर पुलिस भर्ती परीक्षा का आयोजन किया गया था। पुलिस की भर्ती में पुलिस की सख्ती के चलते परीक्षा से पहले ही आधा दर्जन से अधिक सॉल्वर गेंग के सदस्यों को दबोच लिया गया था। तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार के साथ ही केंद्र व्यवस्थापक संजीव कुमार यादव ने मुकदमा दर्ज कराया था। तभी से पुलिस सॉल्वर गेंग के सदस्यों की तलाश में जुटी हुई थी। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर क्राइम रमेश चंद्र ने बताया कि रजनेश युवको से लाखों रुपए लेकर दूसरे छात्रों को उनके स्थान पर परीक्षा दिलाता था। उस पर दस हजार का इनाम रखा गया था। वही सिंटू के जांच अधिकारी वरिष्ठ उपनिरीक्षक योगेंद्र कुमार ने बताया कि संजू सिंटू के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। संजू को उसी समय गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था लेकिन सिंटू फरार था।
गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार, निरीक्षक अपराध रमेश सिंह, उपनिरीक्षक योगेन्द्र सिंह, रमित आर्य, कांस्टेबल प्रिन्स, गौरव तेवतिया हैं

