पीड़ित ने अपने परिजनों के साथ न्याय के लिए धरना
पीड़ित ने तहसील प्रशासन को दिया मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन
पीड़ित ने ज्ञापन में कहा कि अगर न्याय नही मिला तो आत्मदाह के लिए होगा बाध्य
शिकोहाबाद। थाना मक्खनपुर के गांव जिजोली में भूमि को खाली कराने के नाम पर तहसील के एक संविदाकर्मी ने एसडीएम से काम कराने के नाम पर 4 लाख रुपए ले लिए तथा जमीन का इकरारनामा करा लिया। लेकिन एसडीएम के ट्रान्सफर के बाद न तो पीड़ित की जमीन से कब्जा हटा न उसके रुपए वापस किए। पीड़ित ने न्याय न मिलता देखकर एक पक्ष ने गुरुवार को अपने परिजनों के साथ तहसील में धरना दिया। उसके बाद दोपहर में पीड़ित परिवार ने तहसील प्रशासन को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया।
पीड़ित दीपचन्द्र पुत्र रामकिशन निवासी नई बस्ती नवादा मक्खनपुर
थाना मक्खनपुर का आरोप है कि जिजौली गांव में उसकी भूमि पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया था। पीड़ित ने अपनी भूमि को अवैध कब्जा मुक्त कराने के
उद्देश्य से तत्कालीन एसडीएम को शिकायती पत्र दिया। पीड़ित का आरोप है कि एसडीएम ने शिकायत सुनने के बाद संविदाकर्मी से मिलने
के लिए कहा था। जिसके बाद पीड़ित संविदाकर्मी ने जिला मुख्यालय दबरई ले जाकर एसडीएम के आवास पर मिलवाया तथा भूमि को कब्जा मुक्त कराने के एवज मे 15 लाख रूपये मांग की। पीड़ित ने चार लाख रूपये संविदाकर्मी को दे दिए तथा शेष रकम की गारंटी के तौर पर संविदाकर्मी ने भूमि
का इकरारनामा करा लिया। गया था। उसने रुपए व इकरारनामा एसडीएम के कहने पर किया। उक्त मामले में कृषि भूमि से अवैध कब्जा नहीं हटा न पीड़ित के चार लाख रूपये वापस मिले। पीड़ित ने जिला प्रशासन से शपथपत्र के माध्यम से शिकायत की। पूरे प्रकरण की जांच एडीएम ने की। उन्होंने पीड़ित के व्यान दर्ज किए। दो माह बीतने के बाबजूद
पीड़ित को जिला प्रशासन से न्याय नहीं मिला। कुछ लोग उसे व उसके परिवार को राजीनामा न करने पर लगातार फर्जी मुकद्दमें में फसाने की धमकी दे रहे हैं।
पीड़ित ने मुख्यमंत्री के नाम दिए ज्ञापन में कहा कि अगर उसे न्याय नही मिला तो पीड़ित आत्मदाह करने को मजबूर होगा। न्याय न मिलने तक पीड़ित शांति पूर्ण ढंग से अनशन करने को भी बाध्य होगा।
फोटो एसकेबी शिकोहाबाद में धरना देते हुए पीड़ित परिवार।
