लॉक डाउन में लोगों की समस्या से समाधान का “सेतु”
सेतु – लॉक डाउन में जरूरत मंदो के घर तक समान पहुँचा रहे रेलवे के प्रशिक्षु अधिकारी।
मरीजो की दवा, मास्क, पीपीई किट के अलावा किसानों के लिए खेती में जरूरी सामान की डोरस्टेप डिलीवरी

एक ऐसा दौर जब आवागमन पूरी तरह बंद है । लोग अपने अपने घरों में पूरी तरह कैद है एक भयानक वैश्विक महामारी का डर मोत के आकड़ो के रूप में दिखाई दे रहा है इन तमाम विपरीत परिस्तिथियों में भी भारतीय रेल उम्मीद की एक किरण के रूप में जगमगाती दिखाई दे रही है मालवाहक के रूप में मरीजो की दवाई , मास्क, पीपीई किट से लेकर जरूरत मंदो को खून की कमी पड़ने पर ब्लड भी पार्सल के रूप में उपलव्ध कराया जा रहा है वही किसानों की फसल, कीटनाशक खेती की मसीन व कृषि उपकरण भी पार्सल किये जा रहे है ।
अपने ट्रेनी अधिकारियों की एक सकारात्मक सोच को एक विस्तार का रूप देकर यह समूह लॉक डाउन के इस समय मे जरूरतमंद के घर तक समान पहुँचा रहा है टूंडला में तैनात सहायक ट्रैफिक कंट्रोलर संजय कुमार ऐसे कई उदाहरण फोन से हुई बात में बताते है जिसमे फैजाबाद के मनीष दुबे सामिल है जिन्हें एक मानसिक विमारी के मरीज के इलाज में दवाइयों की बहूत ज्यादा जरूरत थी इस जरूरत को ट्वीट पर मिले मेसेज से देखकर वाराणसी से गुरसायगंज पहुँचाया यहाँ से लोकल एडमिनिस्ट्रेशन के सहयोग से दवाइयां मरीज के घर तक पहुँचादी गयी इनके जैसे मथुरा के पवन ने भी मरीज के लिए सेेतु की सहायता से आगरा से दवा की जरूरत को पूरा किया
मनीष जैसे कई लाभार्थी जिसमे मथुरा आगरा के ऐसे कई लोग शामिल है जो सेतु से लाभ ले सकें है ।

14 अप्रैल को प्रधानमंत्री के संदेश ”हम सभी अपने प्रयासों से राष्ट्र को जाग्रत करें । उसके सामने जो गंभीर समस्याएं हैं उनको सुलझाने का भरसक प्रयत्न करें । इसी सोच के साथ कोरोना की इस महामारी में IRTS के अधिकारी संकचत त्यागी ,संजय कुमार ,श्रीकांत मलेला ,कवशाल अजुथन के साथ सुहानी मिश्रा सीनियर DOM मुंम्बई अपने प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ इस पर काम करने का प्रयास किया जिसका नाम SETU है।
SETU (सेतु) अपने नाम के अनुसार ही जरूरतमंद लोगों को उनके जरूरत के समान से जोड़ देता है अपने विस्तृत नेटवर्क के साथ एक हेल्पलाइन नंबर 8448848477 पर कॉल करके भारत के एक कोने से दूसरे कोने तक कोई भी समान पहुचाने की जिम्मेदारी सेतु टीम ने ली है । बस सेतु हेल्पलाइन पर कॉल करके लोग कही भी अपना समान भेज सकते है।
SETU काम कैसे करता है?
जैसे ही कोई व्यक्ति SETU हेल्पलाइन पर कॉल करता है। टीम सेतु के द्वारा यह जानकारी ली जाती है कि समान कौनसे स्टेशन से लेकर कौनसे स्टेशन तक पहुंचना है। इस जानकारी को दोनों ही जगह के स्टेसन अधिकारियों तक पहुँचा दिया जाता है अगर किसी ऐसी जगह पर समान पहुचाने का आवेदन आता है। जहाँ कोई स्टेशन या पारसल ट्रैन नही है। तव सेतु टीम सेतु ndrf ,पुकलस और लोकल एडमिनिस्ट्रेशन या ngo के मदद लेकर इस काम को पूरा करती है।
इस हेल्पलाइन नंबर को 24 घंटे सातो दिन IRTS प्रशिक्षु अधिकारियों की 15 लोगों की टीम देख रही है । यह सभी अधिकारी बरी बरी से इस हेल्पलाइन पर अपनी सेवा देते हैं। यह टीम *उदयपुर* से काम कर रही है। इसके अलावा IRTS_SETU नाम के ट्विटर हैंडिल के से भी लोगों को सेवायें दी जा रही हैं। इसमें भी 20 IRTS प्रशिक्षु अधिकारियों की टीम काम कर रही है
SETU हेल्पलाइन के शरू होते ही किसानों, दवा व्यापारियों के कॉल्स आने शुरू हुए । आज तक सेतु हेल्पलाइन में करीब 1000 कॉल्स आ चुके हैं। पुरे भारत में 100 से ज्यादा जगहों पर समान ,खद्यान ,दवाइयां ,PPE KITS ,MASKS ,VENTILATORS पहुचाये गए हैं। इस हेल्पलाइन से बड़ी मात्रा में खाद्यानों को पहुंचाया जा रहा है। सिविल सेवा के तैयारी करने वाले छात्रों के लिए किताबो को भी इस हेल्पलाइन के द्वारा पहुंचाया गया।
